शिमला में किसानों बागवानो का उग्र प्रदर्शन, मालरोड दी गिरफ्तारियां

हल्लाबोल A-News Network

सरकार की किसान बागवान विरोधी नीतियों के चलते संयुक्त किसान मंच का आंदोलन अपने चरम पर पहुंच गया है 05 अगस्त 2022 को संयुक्त किसान मंच ने अपनी मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश सचिवालय का घेराव किया था उस दिन सरकार ने आश्वासन दिया था कि सरकार बागवानो की मांगो पर गंभीरता से गौर करेगी और मांगो को पुरा किया जाएगा सरकार के रूख को भांपते हुए संयुक्त किसान मंच ने प्रदेश सरकार को दस दिन का समय दिया थाऔर मांगे न मानने की स्थिति में आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी थी
दस दिन बीत जाने के बाद भी सरकार का किसानो के प्रति रवैए में कोई बदलाव नहीं आया दस दिन तक सरकार न शोघी में लगे लूट के बेरियर को हटा पाईऔर न ही कार्टन के रेट कम कर सकीAPMC एक्ट पर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है फल मंडियों में किसानों की लूट  लगातार जारी है,
सरकार को दिये अल्टीमेटम के बाबजूद सरकार के रुख को भांपते हुए संयुक्त किसान ने गिरफ्तारियां देने की शुरुआत की है
आज शिमला में हजारों किसानों ने संयुक्त किसान मंच के बैनर तले शिमला में धारा 144 को तोडते हुए किसानो के जत्थे शिमला के माल रोड पर रिपोर्टिंग रूम के बाहर जमा हो गए लगभग 2 घंटे तक लगातार वहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही संयुक्त किसान मंच ने  मांगे न मानने की स्थिति में आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है
ज के आन्दोलन की अगुवाई संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान, सह संयोजक संजय चौहान माकपा के ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंधा किसान सभा के राज्याध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने की

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रताप चौहान बने होटल यूनियन के अध्यक्ष विक्रम शर्मा को महासचिव की कमान

बस किराया बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर आन्दोलन के लिए उतरेगी सीटू

निजी स्कूलों मे वर्ष 2022 की फीस निर्धारण के लिए 5 दिसम्बर 2019 के शिक्षा निदेशालय के आदेश लागू किए जाए