CPI(M) लोकल कमेटी शिमला ने पार्टी कार्यालय मे मनाया स्वतंत्रतादिवस, देशवासियों को दी शुभकामनाएं

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी )लोकल कमेटी शिमला के  द्वारा आज केंद्रीय कमेटी के आवाहन पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय झंडा फेराया गया है। और पार्टी सभी देश व प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देती है।
इस अवसर पर पार्टी के जिला सचिव संजय चौहान  ,राज्य कमेटी सदस्य फलमा चौहान , लोकल कमेटी सदस्य जगमोहन ठाकुर, बालक राम, विजय कौशल , सुरेंद्र, किशोरी, अनिल ठाकुर, रमाकांत मिश्रा, अमित ठाकुर ,रमन ,पवन शर्मा एडवोएट विशु भूषण,मोहन शर्मा, हीमी देवी , रमा रावत रीना नेगी, विवेक राज, राकेश कुमार पोविन्दर, आदि साथियों ने भाग लिया पार्टी जिला सचिव संजय चौहान ने राष्ट्रीय झंडा फहराया व उसके बाद सेमिनार का  आयोजन किया गया ।
सेमिनार में बात रखते हुए डॉक्टर विजय कौशल ने आजादी के आंदोलन में शहीदों की भूमिका पर बात रखी और इस बात को रेखांकित किया गया की आजादी के 75 वर्षो के बाद भी हालात में सुधार नही हुआ है जो हमारे आजादी के शहीदों ने सपना देखा था की आजादी के बाद देश के हालात बदल जायेंगे एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहा पर इंसान के हाथो इंसान का शोषण नही होंगा लेकिन आज वैसे हालत नही है।
 आजादी के बाद भी देश में गरीबी, बेरोजगारी भुखमरी के हालात है लोगो को अच्छी शिक्षा ,स्वास्थ्य  सुविधाएं नही मिल पा रही है शिक्षा को बाजार की वस्तु बनाकर रख दिया है। बेरोजगारी चर्म सीमा पर है देश के किसान मजदूरी के हालात नाजुक है जिसके कारण देश में अमीरी और गरीबी की बीच की खाई और गहरी हुई है।
पूंजीपतियों के फायदे के लिए देश के सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचा जा रहा है बीमा,बैंक , एलआईसी, डिफेंस ,बीएसएनएल रेलवे, कोयला की खदाने,स्टील प्लांट सबका निजीकरण करके देश की जनता के साथ धोखा किया जा रहा है ।
जब सरकार की इन नीतियों के खिलाफ जनता आंदोलन करती है तो उन पर झूठे केस, पुलिस का दमन किया जाता है । किसान और मजदूरों ने जो अपने संघर्ष से कानून हासिल किए थे आज उन कानूनों को बदला जा रहा  चंद पूंजीपतियों के फायदे के लिए।
शिक्षण संस्थानों का भगवाकरण किया जा रहा है । देश को साम्प्रदिकता की ओर धकेला जा रहा है ।
सीपीआईएम का मानना है की सरकार की इन देश विरोधी जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ आज के दिन शपथ लेनी है की जिस आजादी के लिए है हमारे शहीदों ने अपने जान की कुर्बानियां दी थी उन कुर्बानियों को और सपनो को तभी साकार किया जा सकता है जब देश में नीतियां आम किसान मजदूर आवाम के लिए बनेगी ना कि चंद पूंजीपतियों के लिए जब हम अपनी विरासत को नही बेचने देंगे, सार्वजनिक क्षेत्रों को नहीं बेचने देंगे एक ऐसा समाज बने जहा पर इंसान के हाथो इंसान का शोषण ना हो तब सही मायने में देश को आजादी दिलाने वाले शहीदों का सपना साकार होगा ।
लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा सबकुछ इसके विपरित कार्य किए जा रहे है लोगो के जनवादी अधिकारों पर हमले जो रहे है इसलिए हमे इस आजादी की विरासत को बचाने की लिए आज एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है।
बाबू राम 
सचिव 
सीपीआईएम 
लोकल कमेटी शिमला

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