काजा में महिलाओं के खिलाफ दर्ज मामले हो वापिस-फालमा चौहान

 ने हिमाचल प्रदेश के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्र के काजा में महिलाओं के खिलाफ हुई एफआईआर की कड़ी निंदा की है। जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने आरोप लगाया कि हाल ही में वैशविक महामारी के चलते प्रदेश के कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री व इनके साथ गए लोग जब लाहौल-स्पीति के काजा गांव में गए तो उन्होंने कोरोना महामारी के नियमों का पालन न करते हुए नियमों की धज्जियां उड़ा दी थी।

चौहान ने कहा कि कोरोना महामारी की दहशत के चलते काजा में लोगों ने कृषि मंत्री के सामने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया तो पुलिस प्रशासन ने महिलाओं और यूबको के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। जबकि प्रजातंत्र में विरोध दर्ज करना जनता का अधिकार है जिसे न ही सरकार और सरकार के मंत्री उसे दबा सकते हैं। उन्होंने कहा कि असल में सरकार का चेहरा सामने आ गया है जो यह दर्शाता है कि सरकार और उसके मंत्री महिलाओं के कितने हितेषी हैं।

फालमा चौहान ने कहा कि महामारी के दौरान भी सरकार जनता की आवाज को दबाना चाहती है और महिलाओं और यूबको के ऊपर बनाये गए केस इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने हमेशा ही जनता की आवाज को कुचला है। चौहान ने कहा कि जनवादी महिला समिति मांग करती है कि महिलाओं औऱ यूबको के खिलाफ हुई एफआईआर को तुरंत वापिस लिया जाए। 

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